About Us
राजीव दीक्षित गुरुकुल बुडाक
हमारे बारे में
भारतीय संस्कृति, स्वदेशी एवं वैदिक शिक्षा का केंद्र
राजीव दीक्षित गुरुकुल बुडाक का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, स्वदेशी विचारधारा, आयुर्वेद, योग, गो सेवा एवं नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। यहाँ विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से विकसित किया जाता है। हमारा गुरुकुल एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है जो जीवन को सरल, स्वस्थ, स्वदेशी और संस्कारित बनाती है।
हमारे प्रेरणास्रोत
राजीव दीक्षित जी
राजीव दीक्षित जी एक महान चिंतक, समाज सुधारक और स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता थे। उन्होंने भारतीयों को विदेशी उत्पादों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। उनका जीवन राष्ट्र सेवा और जन जागरण के लिए समर्पित था। उनके विचार आज भी हमें स्वदेशी, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर भारत की ओर प्रेरित करते हैं।
“ स्वदेशी अपनाओ, स्वावलंबी बनो और भारत को फिर से विश्व गुरु बनाओ। ”
– राजीव दीक्षित
हमें क्या अलग बनाता है ?
वैदिक एवं संस्कृत शिक्षा
संस्कृत, वेद, उपनिषद, गीता आदि की प्रायोगिक एवं व्यावहारिक शिक्षा।
स्वस्थ एवं प्राकृतिक जीवन
आयुर्वेद और योग प्राकृतिक जीवन को अपनाना | योग, प्राणायाम, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेष ध्यान।
गौ सेवा
गौ पालन, गौ संरक्षण और गौ आधारित उत्पादों का उपयोग एवं प्रशिक्षण।
स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता
स्वदेशी उत्पादों का उपयोग, भारतीय उद्योगों को बढ़ावा और आत्मनिर्भरता का विकास।
चरित्र निर्माण
नैतिक शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और मानवता का विकास।
हमारा लक्ष्य
हमारा विजन (Vision)
ऐसा समाज बनाना जो स्वदेशी, स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारयुक्त हो तथा जो प्रकृति, गौमाता और भारतीय संस्कृति के साथ सामंजस्य में जीवन जीए।
हमारा मिशन (Mission)
वैदिक शिक्षा, आयुर्वेद, योग, गौ सेवा, प्राकृतिक चिकित्सा, स्वदेशी उत्पादों और नैतिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और जागरूक भारत का निर्माण करना।
500+
विद्यार्थी
25+
पाठ्यक्रम
15+
वर्षों की सेवा
50+
आयोजित कार्यक्रम
1000+
संतुष्ट परिवार